क्या है छठी अनुसूची, जिसकी मांग को लेकर लद्दाख में मचा इतना बवाल; लागू हुआ तो क्या होंगे बदलाव?

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लद्दाख के लोगों को यह डर भी सताने लगा है कि UT बनने के बाद, बाहरी लोग उनकी जमीनें खरीद सकते हैं और उनके संसाधनों पर कब्ज़ा कर सकते हैं। ऐसे में छठी अनुसूची लागू होने से उन्हें अपनी भूमि और संसाधनों पर नियंत्रण और संरक्षण मिल जाएगा।

Ladakh violence and Sixth Schedule Demand: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और इस केंद्र शासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग पर हजारों युवाओं ने बुधवार को लेह की सड़कों पर हंगामा, आगजनी, हिंसा और उपद्रव किया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़प हो गई, जिसमें अब तक चार लोगों की मौत की खबर है, जबकि इन झड़पों में 80 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। गुरुवार को पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा कर्फ्यू का सख्ती से पालन कराए जाने के दौरान कम से कम 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

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